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थे म्हाने भूल गया रे बलम सा थे म्हाने भूल गया
थे म्हाने छोड़ गया रे बलम सा थे म्हाने छोड़ गया
ओ बलमा रे………….थे म्हाने भूल गया
थार बिन नींद न आव थार बिन चैन न आव
फागण ऋ ठंडी रात्या में चांदनी आग लगाव सा थी बात्या मुलाकात्या
ओ बलमा रे………… थे म्हाने भूल गया
खत न खबरिया दिनी ना खोज खबरिया लिनी
जल बिन मछली रात्या में तड़फी थारी सूरत है जरुरत
ओ बलमा रे………. थे म्हाने भूल गया
रंगीलो सपनो आयो साजन सपने में आयो
गुलाबी चेहरो थारो में हंस्तो पायो बे रतिया थांरी ललिया
ओ बलमा रे …………..थे म्हाने भूल गया
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