राजा बलि के दरबार मची रे होली (होली गीत)

राजा बलि के दरबार मची रे होली (होली गीत)

ओ राजा बलि के दरबार मची रे होली राजा बलि के

१. किता मण लाल गुलाल उड़त है -४
किता मण केसर कस्तूरी रे राजा ….-२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

२. सो मण लाल गुलाल उड़त है -४
दस मण केसर कस्तूरी रे राजा…… -२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

३. कितारे बरस को ओ कंवर कानुड़ो रे -४
कितरा बरस की है राधा गोरी रे राजा …. -२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

४ बीस बरस को म्हारो कंवर कानुड़ो रे -४
तेरह बरस की है राधा गोरी रे राजा ……-२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

५ कुणा जी के हाथ में है रंग को कटोरों रे -४
कुणा जी रे हाथ में पिचकारी रे राजा ….-२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

६ राधा जी रे हाथ में रंग को कटोरों रे -४
कानुड़ रे हाथ में पिचकारी रे राजा ….-२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

७ भर पिचकारी कानू राधा उपर मारी रे -४
है रंग से भिगोड़ो आंगणयो रे … राजा …-२ हो हो राजा बलि के दरबार मची रे होली -२

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Team DilseMarwari

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