देरानी जेठानी दोन्यु आपस मे भिड़ी पकड़ चोटलो आंगन मे पडी – होली गीत

थारे छोरे ने घाले घी पुडी म्हारी छोरी काई उपर हूं पड़े-२
देरानी जेठानी दोन्यु आपस मे भिड़ी पकड़ चोटलो आंगन मे पडी-२

देवर लायो देरानी रे नवलख हार जेठानी रो गुस्सो हुयो आसमां पार-४
म्हाने नौलखा मंगा दे रे ओ सैयां दीवाने-२
तुझे सीने से लगा लुंगी ओ सैयां दीवाने-२
देवर लायो देरानी रे नवलख हार जेठानी रो गुस्सो हुयो आसमां पार-२
म्हारे सागे चालो थे म्हारा भरतार इसो ही लउ मै तो नौलाखो हार-२
देरानी जेठानी दोन्यु आपस मे भिड़ी पकड़ चोटलो आंगन मे -२

छोटी मोटी टाबरा री बाता मै नहीं आनो बीच मै मायता ने -२
लड़ता झगड़ता टाबर एका हो ज्यासी भाई भोजी मे राड हो ज्यासी-२
देरानी जेठानी दोन्यु आपस मे भिड़ी पकड़ चोटलो आंगन मे पडी-२

देरानी रे कमरे मे हुई हलचल जेठानी रो मन भी हुयो चंचल-२
अरे.. हम तुम एक कमरे मे बंद हो और चाबी खो जाये-२
तेरे नैनों की भुल भुलैया मे हम खो जाये-२
देरानी रे कमरे मे हुई हलचल जेठानी रो मन भी हुयो चंचल-२
इयाँ कुछ करदो म्हारा भरतार चढ़ती उमर नही बढ़ जाय-२
देरानी जेठानी दोन्यु आपस मे भिड़ी पकड़ चोटलो आंगन मे -२

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Team DilseMarwari

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