गाय बिछी रो गीत – बिहाणा रा गीत

गाय बिछी रो गीत – बिहाणा रा गीत

गाय बिछी रो गोबर मंगावो तो,
पीळी मंगवाय दो प्रेम पियाग री
जल जमना रो नीर मंगावो तो,
देवोनी सूरज जी री राणी गंवळड़ी।
माणक मोत्या चोक पुरावो तो,
ज्यांपर ढालोनी सिंगासन बेढणो।
इयरे सिंगासन गोरा ठाकुरजी बिराज तो,
करोनी बाई सोदरा बाई आरतो।
सात सहेलिया रल्ल पुछण लाग्या तो,
क्यां सुण घाल्यो बाई थारे आरत
आरतड़े में घाल्या बाई पदम् पचास तो,
एक ठाकुर जी रे हाथ रो मुंदड़ो।
तो एक बोर जी र हाथ रो मुंदडो।

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Team DilseMarwari

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