तीन छोरियों पर छोरा चार – बीनणी रो फेर पग भारी – होली गीत

टक्को कमाऊं ना, बेंदोई म्हे साला रा
बैगो परणायो म्हने , फूटा घर वाला रां
तीन छोरियों पर छोरा चार – बीनणी रो फेर पग भारी

पड़पोते रे चक्कर में दादो जी सगपण लाया -२
आखातीज रे सावे में, म्हे परणीज घरे आया -२
पेली होली आई, म्हे थाली बजवाई -२
दूजी होली म्हाथे, डूमणियो नचवाई -२
तीजी होली ने गया, काकोजी कलकत्ता -२
लारे से गया समाचार, बीनणी रो फेर पग भारी -२

किस्सा प्यार मोहब्बत रा फिल्मों तक चोखा लागे -२
आई लव यू रे चक्कर में छोरा छोरी नित भागे -२
घर वाला घबरावे, टाबर बेगो परणावे -२
कुण माइतां ने समझावे, क्यों छोटा छोटा छोरां ने फसावे -२
म्हने फसायो रे, बेगो परणायो रे – २
अबे सुणो थे हर बार, बीनणी रो फेर पग भारी -२

ऊँचा ऊँचा सपना देखूं, इक बूटी रे गोले में -२
साइकिल चाले भाड़े री म्हारे चारोना नहीं चोले में -२
इक छोरो इस्कूल जावे, म्हारा दो छोरा सीटियां बजावे -२
बिचलोडो ओलभा लावे, छोटोड़ो किन्ना उड़ावे -२
कई नन्नाने खेले,, कई दादोने खेले -२
कई खेले घर सूं बार, बीनणी रो फेर पग भारी -२

Author Image
Team DilseMarwari

Leave a Reply