(गणगौर पूजने के समय का गीत)
सूरज जीन छांटो, रेणा दे न छांटो, ईशरदास जी न छांटो गोरा बाई न छांटो।
गौर गौर गोमती, ईशर पूज पारवती,
पारवती का आला गिला, गौर के सोन का टीका, मà¥à¤¹à¤¾ के हे कà¥à¤‚-कà¥à¤‚ का टीका
गौर बैठी खाट,मà¥à¤¹à¥‡ बेठà¥à¤¯à¤¾ पाट
खाट खटीलो, पाट पटीलो
कावो कीजे ,सोन को पà¥à¤²à¤¾à¤µ लीजे
कीड़ी कीड़ी, कीड़ी ले, कीड़ी थारी जात है
जात का गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤à¥€à¤¯à¤¾, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ का बाणिया, सà¥à¤¤à¥à¤¯à¤¾ खूंटी ताणिया
टीका दे टमका दे, रानीजी बरà¥à¤¤ करयो
करतां करतां आस आयो, मास आयो, छठो छ मास आयो
खेर खाणà¥à¤¡ लाडू आयो, लाडू ले बीरा न दियो
बीरो ले à¤à¤¾à¤µà¤œ न दियो, à¤à¤¾à¤µà¤œ ले गटकायगी चà¥à¤¨à¥œà¥€ ओढायगी
चà¥à¤¨à¥€ मà¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ हरी à¤à¤°à¥€, जग मोतिया सॠजड़ी, अखीरिजà¥à¤¯à¥‹ बीरोजी
अधजà¥à¤¯à¥‹ बधजà¥à¤¯à¥‹, दà¥à¤¬à¤œà¥à¤¯à¥‚ पसरजयो, करवा निपजà¥à¤¯à¥‹
खरखरा खाजा देई,मोगरयो मगद देई
गाडो à¤à¤° गेंवा को देई,घी की घीलोडी देई,तेल की तीलोडी देई
सासॠरो पà¥à¤°à¤¸à¤‚ण देई,बहॠरो जीमण देई,
घर सांकड़ो देई, मिनख मोकला देई
खूंटà¥à¤¯à¤¾ हार देई, सेजà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤°à¤¤à¤¾à¤° देई
कांच म रूप देई, पेई म सिंगार देई
आलो à¤à¤° चिरमयां को देई, खेलन वाली बाई देई
खांड खोपरों देई, लोडयो देवर देई
रानिया पूजे राज न, मà¥à¤¹à¥‡ मà¥à¤¹à¤¾à¤•े सà¥à¤¹à¤¾à¤— न
रानिया रो राज बà¥à¤¤à¥‹ जाय,मà¥à¤¹à¤¾à¤•ो सà¥à¤¹à¤¾à¤— बà¥à¤¤à¥‹ जाय
गिण गिण चार, गिण गिण आठ, गिण गिण सोला
गिण गिण बीस, à¤à¤² गौर बतीसां तीस
ठगोरा बाई थांका, थांक घर का, थांक à¤à¤¾à¤— क। थांक सà¥à¤¹à¤¾à¤— का
ठगोरा बाई मà¥à¤¹à¤¾à¤‚का, मà¥à¤¹à¤¾à¤‚का घरका, महांके à¤à¤¾à¤— का, मà¥à¤¹à¤¾à¤‚का सà¥à¤¹à¤¾à¤—का।
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