सूरज – बिहाणा रा गीत

सूरज – बिहाणा रा गीत

सूरज – सूरज करो ऐ लुगायां , सूरज उग्यां होयसी। ओ रामा हर वो परण्यो।
कासब जी टूठ्यां होयसी ओ रामा हर ओ परण्यां।
गाय गवाड़ भेस ज बाड़ , सूरज टूठ्यां होयसी। ओ रामा। ………।
महीडे रो घमकण , माखण रो आंवण , सूरज टूठ्यां होयसी। ओ रामा………।
घी रे घिलोड़ी तेल तिलोड़ी , सूरज उग्यां होयसी। ओ रामा…..।
बेटा रो जनमण बहुवां रो आवण , सूरज टूठ्यां होयसी। ओ रामा……….।
पिले रो ओढणं पाते रो बेठण , सूरज उग्यां होयसी। ओ रामा……….।
सासु रो पुरसण बहुवां रो जीमण , सूरज उग्यां होयसी। ओ रामा………।
गिद्दी रो बेठण , रुपियाँ रो परखण , सूरज टूठ्यां होयसी। ओ रामा……..।
आ परणी ठाकुर जी न सोव , राणी रूखमण र मन भाव। ओ रामा ……….।
आ परणी सूरज जी न सोव , राणी रोनादे र मन भाव। ओ रामा…….।
आ परणी देवी – देवता न सोव , बांरी राणियां र मन भाव। ओ रामा………।
आ परणी म्हांरी बायां न सोव , म्हांर जंवाईयां र मन भाव। ओ रामा………..।

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Team DilseMarwari

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