सायब ऊà¤à¤šà¥‹ सो चांवलो चौखूंटो ,
जल ढाली नवरंगी सेज।
हंस बोल बिहाण रली आवणा।
जठजाय सूरज जी पोà¥à¤¿à¤¯à¤¾ , जठजाय चंदà¥à¤°à¤®à¤¾à¤ जी पोà¥à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
बान आई छं सà¥à¤–à¤à¤° नींद। हंस बोलो। …………।
बांरी रानियां तो जाय जगाइया ,
जागो – जागो सृषà¥à¤Ÿà¤¿ रा साचा देव। हंस बोलो ………….।
सायब थां घर सà¥à¤¤à¤¾ ना सर ,
थांर घर छं सेवगीयां रो बà¥à¤¯à¤¾à¤‚व। हंस बोल …………।
सायब जागोतो पेच संवारलो ,
थांर पेचा पर हीरा मोती लाल। हंस बोलो ………।
( इसी तरह सब देवता व घर वालो का नाम लेव )