सायब ऊँचो सो चंवलो –  बिहाणा रा गीत

सायब ऊँचो सो चंवलो – बिहाणा रा गीत

सायब ऊँचो सो चांवलो चौखूंटो ,
जल ढाली नवरंगी सेज।
हंस बोल बिहाण रली आवणा।
जठ जाय सूरज जी पोढ़िया , जठ जाय चंद्रमाँ जी पोढ़िया।
बान आई छं सुखभर नींद। हंस बोलो। …………।
बांरी रानियां तो जाय जगाइया ,
जागो – जागो सृष्टि रा साचा देव। हंस बोलो ………….।
सायब थां घर सुता ना सर ,
थांर घर छं सेवगीयां रो ब्यांव। हंस बोल …………।
सायब जागोतो पेच संवारलो ,
थांर पेचा पर हीरा मोती लाल। हंस बोलो ………।

( इसी तरह सब देवता व घर वालो का नाम लेव )

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Team DilseMarwari

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