टीकी – गणगौर गीत

(टीकी)
१
हल्दी है घाट घटीली ओ राज
ईशरदास जी री नार हठीली ओ राज
मांगे है सोने री टीकी ओ राज
ईशरदास जी बैठ घडावे ओ राज
बहु गवरा चेप दिखावे ओ राज।
(इसी तरह भाई और भाभी का नाम लेना )

२
थे ईशरदास जी जायजो समंदा पार, क टीकी लाईजो जड़ाव की जी।
टीकी चेपे हेमाजल जी री धीव, क ब्रह्मादास जी री कुल बहु जी।
टीकी चेपे साथ भांया की बेन, पातलिया ईशरदास जी मोल लेवे जी।
(इसी तरह अपने परिवार वालो के नाम लेना )

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Team DilseMarwari

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