चुनड़ी – गणगौर गीत

(चुनड़ी )
१
आ तो चुनड़ली रो बहु गोरा दे न कोड, लेदीयो नी ब्रह्मादास जी रा छावा चुनड़ी।
ओ जी म्हे तो फिर आया राजा रानी देश परदेश, कठ इन लाधी सवागन चुनड़ी।
आ तो लाधी लाधी हेमाजल जी री पोल, ओढो नी ओ भायां री ऐ बेनड चुनड़ी।
आ तो चुनड़ली रो बहु
(इसी तरह परिवार का नाम लेना)

२
चमकण घाघरो चमकण चीर, बोल बाई रोंवा थारो कुण कुण बीर
बड़ो से बड़ो म्हारो ईशरदास बीर, बासु छोटो म्हारो कानीराम बीर
चुनड़ी ओढावे म्हारो ईशरदास बीर, माँ से मिलाव म्हारो कानीराम बीर
चमकण घाघरो चमकण
(इसी तरह भाई बहन का नाम लेना)

३
ईशरदास जी न सोव पीली पागड़ी ऐ माँ
गोरा बाई न चुनड़ी रो कोड रंगांदे, जामण चुनड़ी ऐ माँ
चुनड़ी र अल्ला पल्ला घूघरा ऐ माँ
बिच मं सूरज खाण्डो चाँद रंगादे, जामण चुनड़ी ऐ माँ
कानीराम जी न सोव पीली पागड़ी ऐ माँ
बहु लाडल न चुनड़ी रो कोड रंगा दे जामण चुनड़ी ऐ माँ
(इसी तरह भाई भाभी का नाम लेना)

४
आओ आओ ईशरदास बीरा पातलिया
थे करो चुनड़ रो मोल जी लो ऐ मेरी चुनड़ली,
एक रु आठ आना, यही चुनड़ रो मोल, जी लो ऐ मेरी चुनड़ली
(इसी तरह अपने भाइयो के नाम लेना)

५
हो हो गवरल म्हारी रे
आ लाल चूंदड़ म्हे लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

छोटी छोटी आंखिया म्ह काजल रो बोझ भारी रे
तिरछी तिरछी देखे जदवा लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

छोटा छोटा हाथा म्ह हथफूल रो बोझ भारी रे
धीरे धीरे काम करे जदवा लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

पतली पतली कमर म्ह लहंगा रो बोझ भारी रे
मधरी मधरी चाले जदवा लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

छोटा छोटा पांवा म्ह पायल रो बोझ भारी रे
ठुमक ठुमक कर चाले जदवा लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

लाल लाल चुनड़ म्ह गोटे रो बोझ भारी रे
रिमझिम रिमझिम चाले जदवा लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

लाल लाल होठां म्ह लाली रो बोझ भारी रे
मीठी मीठी बोले जदवा लागे प्यारी रे
गवरल म्हारी रे

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Team DilseMarwari

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