मेहँदी – गणगौर गीत

(मेहँदी)
पीलो ओढ, पोमचो ओढ्यो-२
सज सिंगार लगाई जी आ मेहँदी-२

टग टग चाली जाय रसोई मे-२
सासुजी ने जाय दिखाई जी आ मेहँदी-२

गवरल ऐ हाथ थारा गेरा गेरा राच्या-२
कुण संग बैठ मंडाई जी आ मेहँदी-२

प्यारी सखी म्हारे मांडी जी आ मेहँदी-२
म्हारे कानीराम बैठ सराई जी आ मेहँदी
हो म्हारे देवरियोजी बैठ सराई जी आ मेहँदी

देरानिया जेठानिया पीसी जी आ मेहँदी-२
रोंवा बाई बैठ सराई जी आ मेहँदी
हो म्हारी नणदल बैठ छनाई जी आ मेहँदी

टग टग चाली जाय पलंग पर-२
ईशर जी न जाय बताई जी आ मेहँदी-२

गोरा ऐ हाथ थारा गेरा गेरा राच्या-२
कुण संग बैठ मंडाई जी आ मेहँदी -२

प्यारी सखी म्हारे मांडी जी मेहँदी-२
ईशर जी बैठ सराई जी आ मेहँदी
हो म्हारे ईशर जी रे मन में भाई जी आ मेहँदी

पीलो ओढ, पोमचो ओढयो-२
सज सिंगार लगाई जी आ मेहँदी-२

Author Image
Team DilseMarwari

Leave a Reply