दारु छोड़ दे – होली गीत

दारु छोड़ दे – होली गीत

दारु छोड़ दे परण्योड़ा थारे लारे लागी रे -२

कोनी छोड़ू दारु आतो म्हारे मुण्डे लागी रे-२
दिन रात आ सागे रेवे मन में भागी रे-२
दारु छोड़ दे……।

आ दारु है सौतन म्हारी तू इन्हे अपनाई रे-२
बोतलड़ी ने गले लगा सूद बुध बिसराई रे-२
दारु छोड़ दे………।

दारुडी है साथण म्हारी सुख दुःख आडी आवे रे-२
दारु छोड़नेरी मन में सोच्या दिल घबरावे रे-२
दारु छोड़ दे………।

आडोसी पडोसी म्हारे जोबनियेने लुकता छिपता झांके रे-२
दारु पिके गली में गुड गया लाज गंवाई रे-२
दारु छोड़ दे……..।

साची बात कहिये गोरी अब दारु छिटकास्य रे-२
दारुडी की बोतल न में परे बगास्या रे-२
दारु छोड़ दे……..।

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Team DilseMarwari

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