च्यार जणा –  बिहाणा रा गीत

च्यार जणा – बिहाणा रा गीत

च्यार जणा हताया मं बैठा , ज्यां बिच बैठा विनायक जी आप , बिहाणा ओ राजा उजला। ज्यां बिच बैठा सूरज जी आप , बिहाणा ओ राजा उजला। ज्यां बिच बैठा ठाकुरजी आप , बिहाणा ओ राजा उजला। ज्यां बिच बैठा देवी देवता आप , बिहाणा ओ राजा उजला। फूल पेरेला , पान चाबेला , […]

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बिहाणा हुल- हुल –  बिहाणा रा गीत

बिहाणा हुल- हुल – बिहाणा रा गीत

उठ राणा उठ राजवी , थे तो उठो नी , कासब जी रा सिंव बिहाणा हुल – हुल। थां घर सुतां ना सर, थांन कुल मं उगन जाणो बिहाणा हुल – हुल। उठ राणा उठ राजवी , थे तो उठो नी , विनायक जी आप बिहाणा हुल – हुल। थे तो उठो नी ठाकुरजी आप […]

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सायब ऊँचो सो चंवलो –  बिहाणा रा गीत

सायब ऊँचो सो चंवलो – बिहाणा रा गीत

सायब ऊँचो सो चांवलो चौखूंटो , जल ढाली नवरंगी सेज। हंस बोल बिहाण रली आवणा। जठ जाय सूरज जी पोढ़िया , जठ जाय चंद्रमाँ जी पोढ़िया। बान आई छं सुखभर नींद। हंस बोलो। …………। बांरी रानियां तो जाय जगाइया , जागो – जागो सृष्टि रा साचा देव। हंस बोलो ………….। सायब थां घर सुता ना […]

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सपनो – बिहाणा रा गीत

सपनो – बिहाणा रा गीत

बेन – बेन मने सपनो आयो हरसुं जोड़िया हाथ राम। अजुवन आया ठाकुरजी मैं , रात्यु जोई बाट राम। सोलह सो सिणगार करिया मैं , पेरियो चन्द्रहार राम। अजुवन आया ठाकुरजी म्हांरो , बासी रहियो बिणाव राम। अघमण तेल दियो जगे , म्हांरो खांगो रहियो किवाड़ राम। ठाकुरजी री राणी रो ओ बासी रहियो बिणाव […]

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देवलदे – बिहाणा रा गीत

देवलदे – बिहाणा रा गीत

नदी र किनारे राणी देवल दे ओ उभा , देवल दे ओ उभा। उभा तो उभा आमल दुबला। काई ऐ बहन थांरो पिवरीयो परदेश , कोई पिवरीयो परदेश। काई थांरो परणीयोडो राजन घर बस। कांई ऐ बहन थांरो बाबुल कीन्हो दमडा रो लोभ , कोई दमडा रो लोभ। कांई ऐ परणाई बूढ़ डोकर। नहीं ऐ […]

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बड़ो सपनो – बिहाणा रा गीत

बड़ो सपनो – बिहाणा रा गीत

सुती ओ पिया रंग महल में , सुती न सपनो आईयो जी। जाणु म्हारे आंगण ,इन्दरजी धडूके -२ , सिलोड़ी गंगा बह रही जी। जाणु म्हारे आंगण ,अमलो जी उभो -२ , अमले री दाल सवावणी जी। जाणु म्हारे आंगण , हंसती जी घूम -२ , हँसतीया री घूम सवावणी जी। जाणु म्हारे आंगण , […]

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गाय बिछी रो गीत – बिहाणा रा गीत

गाय बिछी रो गीत – बिहाणा रा गीत

गाय बिछी रो गोबर मंगावो तो, पीळी मंगवाय दो प्रेम पियाग री जल जमना रो नीर मंगावो तो, देवोनी सूरज जी री राणी गंवळड़ी। माणक मोत्या चोक पुरावो तो, ज्यांपर ढालोनी सिंगासन बेढणो। इयरे सिंगासन गोरा ठाकुरजी बिराज तो, करोनी बाई सोदरा बाई आरतो। सात सहेलिया रल्ल पुछण लाग्या तो, क्यां सुण घाल्यो बाई थारे […]

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