जलेबी – बिहाणा रा गीत

जलेबी – बिहाणा रा गीत

म्हांरो कन्दोइडो गयो गुजरात जलेबियाँ कुन छांटसी। म्हांरो कंदोई (जंवाई के पिता का नाम ) जी रा सींव। (जंवाई का नाम ) जी जलेबियाँ छांटसी। रस भोगीडा (पिता जी का नाम ) जी रा सींव। (नाम) जी जलेबियाँ जिमसी। ( इसी तरह जंवाई , साला रो नाम लेव )

Read More
न्योता – बिहाणा रा गीत

न्योता – बिहाणा रा गीत

एक सौ पान सुपारी डोडस,जी थे तो दो सूरज जी घर न्योतो। जी थे तो दो चन्द्रमा जी घर न्योतो , जी थे तो दो विनायक जी घर न्योतो। बेगा – बेगा आयज्यो वार न लायज्यो, सूरज जी म्हांर कुल मं उगन आयज्यो, चन्द्रमा जी म्हांर कुल मं उगन आयज्यो, विनायक जी म्हांर रिद्धि सिद्धि […]

Read More
दोय जणा ओ –  बिहाणा रा गीत

दोय जणा ओ – बिहाणा रा गीत

दोय जणा ओ राजा ओड़िया – दौड़िया जाय , सकल बिहाणा ओड़या – दोड्या जाय। आडी फिर राजा पुछुली बात , काईं ओ केरु – पांडु ओड़या – दोड्या जाय। मैं छां ओ सूरजजी आप , कुल मं उगन मैं आया जी। मैं छां ओ विनायकजी आप , लाडे न लाडी री राखा रिछपाल। मैं […]

Read More
च्यार जणा –  बिहाणा रा गीत

च्यार जणा – बिहाणा रा गीत

च्यार जणा हताया मं बैठा , ज्यां बिच बैठा विनायक जी आप , बिहाणा ओ राजा उजला। ज्यां बिच बैठा सूरज जी आप , बिहाणा ओ राजा उजला। ज्यां बिच बैठा ठाकुरजी आप , बिहाणा ओ राजा उजला। ज्यां बिच बैठा देवी देवता आप , बिहाणा ओ राजा उजला। फूल पेरेला , पान चाबेला , […]

Read More
बिहाणा हुल- हुल –  बिहाणा रा गीत

बिहाणा हुल- हुल – बिहाणा रा गीत

उठ राणा उठ राजवी , थे तो उठो नी , कासब जी रा सिंव बिहाणा हुल – हुल। थां घर सुतां ना सर, थांन कुल मं उगन जाणो बिहाणा हुल – हुल। उठ राणा उठ राजवी , थे तो उठो नी , विनायक जी आप बिहाणा हुल – हुल। थे तो उठो नी ठाकुरजी आप […]

Read More
सायब ऊँचो सो चंवलो –  बिहाणा रा गीत

सायब ऊँचो सो चंवलो – बिहाणा रा गीत

सायब ऊँचो सो चांवलो चौखूंटो , जल ढाली नवरंगी सेज। हंस बोल बिहाण रली आवणा। जठ जाय सूरज जी पोढ़िया , जठ जाय चंद्रमाँ जी पोढ़िया। बान आई छं सुखभर नींद। हंस बोलो। …………। बांरी रानियां तो जाय जगाइया , जागो – जागो सृष्टि रा साचा देव। हंस बोलो ………….। सायब थां घर सुता ना […]

Read More
सपनो – बिहाणा रा गीत

सपनो – बिहाणा रा गीत

बेन – बेन मने सपनो आयो हरसुं जोड़िया हाथ राम। अजुवन आया ठाकुरजी मैं , रात्यु जोई बाट राम। सोलह सो सिणगार करिया मैं , पेरियो चन्द्रहार राम। अजुवन आया ठाकुरजी म्हांरो , बासी रहियो बिणाव राम। अघमण तेल दियो जगे , म्हांरो खांगो रहियो किवाड़ राम। ठाकुरजी री राणी रो ओ बासी रहियो बिणाव […]

Read More
देवलदे – बिहाणा रा गीत

देवलदे – बिहाणा रा गीत

नदी र किनारे राणी देवल दे ओ उभा , देवल दे ओ उभा। उभा तो उभा आमल दुबला। काई ऐ बहन थांरो पिवरीयो परदेश , कोई पिवरीयो परदेश। काई थांरो परणीयोडो राजन घर बस। कांई ऐ बहन थांरो बाबुल कीन्हो दमडा रो लोभ , कोई दमडा रो लोभ। कांई ऐ परणाई बूढ़ डोकर। नहीं ऐ […]

Read More